वास्तु शास्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिनसे घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है। इन्हीं में से एक है कछुए की मूर्ति रखना। माना जाता है कि जहां कछुआ सही दिशा में रखा जाता है, वहां सुख-समृद्धि बढ़ने लगती है। वहीं गलत दिशा में रखने पर इसका असर कम हो जाता है। इसलिए कछुए की मूर्ति रखने से पहले कुछ बातों को जानना जरूरी है।
कहा जाता है कि घर में कछुए की मूर्ति रखने से धन की वृद्धि होती है। सौभाग्य का असर भी बढ़ता है। घर में बनी नकारात्मक ऊर्जा धीरे-धीरे कम होने लगती है और सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ता है। कई लोग इसे अपने घर में इसलिए भी रखते हैं ताकि वास्तु दोष दूर हो सके।
कछुए की मूर्ति रखने के लिए दिशा बहुत मायने रखती है। पीतल, चांदी या सोने से बनी मूर्ति को घर की उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इन दिशाओं में कछुआ रखने से प्रभाव जल्दी दिखाई देता है।
अगर आप क्रिस्टल का कछुआ रखते हैं, तो उसके लिए उत्तर-पूर्व दिशा बेहतर मानी गई है। वास्तु के अनुसार, ऐसी मूर्ति जिसमें कछुआ पानी में हो, वह भी शुभ होती है। बस ध्यान रखें कि पानी रोज बदलें ताकि इसका असर बना रहे।
कछुए की मूर्ति घर के मुख्य द्वार के पास भी रखी जा सकती है। बस यह देखें कि कछुए का मुंह घर के अंदर की ओर हो। इससे सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कई लोग इसे बच्चों के कमरे में रखते हैं।





